गौरैया

पेड़ पर बैठी #गौरैया–

‘ची-ची कर तुझे बुला रही
बारिश में नाचने को आतुर
सब सखियां
आसमान को देख- देख
यूं ही मंडरा रही
तेरी एक बूंद अगर खुशी दे दे
तो ले आ बादल की #छैयां
तब कहीं दूर छेड़े सावन के गीत
वो मनमौजी #खिवैय्या
आज नदी में उफान आ जाने दे
तेरा प्यार क्यों है मुझसे छुपा
आज उसे मुझ पर भी बरस जाने दे
————Nimish Singh Parihar

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