“तुम कब आओगे??”

image

उठै हैं मन में कई सवाल
मुझे नहीँ अब अपना ख्याल
न जाने तुम कब आओगे….??

ढलती शाम पूछे है तेरा पता
कहती है दो पल ओर रुक जा जरा
न जाने तुम कब आओगे…??

हवा मंद है
पर वक्त तो पकड़े है अपनी रफ्तार
कहता है कि ,,
तुम भूल चुके हो मेरा प्यार
मिल चुका है
कोई दूजा दिलदार
पर फिर भी चाहूँ में तेरा एक दीदार
न जाने तुम कब आओगे…??

मर चुकी है इंसानियत
हावी है हैवानियत
तन्हा हूँ में
मुझमें अपनी छाप छोड़ने
न जाने तुम कब आओगे..??

तकिये ने पूछे हैं सवाल
नींद भी मुझसे करे बवाल
मुझे अपनी संगिनी बनाने
न जाने तुम कब आओगे…??

सदियाँ काटी हैं तेरे इंतजार में
लगता है,,
मेरे लिए बेहोत खुशियों का
कोई तोहफा लाओगे…..
बस यही है तुमसे मेरी दरकार
कि दे दो मुझे ठेर सारा प्यार
तुम जब आयोगे..

Advertisements

13 thoughts on ““तुम कब आओगे??”

  1. Thank you Nimish for liking my work and following the blog. Ur ‘Thum kab aavogi ‘was simple and superb. Lagta hein tajoorba hein, nahi tho ithne feelings ke saath likna mushkil hein, aisa mere kayal hein. Keep up the good work. Late hi sahi phir bhi aapko mera naya saal mubarak

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s