Fake Personalty 

इक कहानी सुनाता हूँ आज,,

यह कहानी है दो दोस्तों कि (आकाश ओर अनामिका )

दोंनों का रिशता भरोसे पर टिका था

दोंनों साथ में हँसते थे ,अगर इक रोता तो दूसरा भी रोता था

पर हमेशा खुशियॉ हों जरूरी तो नहीं जिंदगी में

तूफान आ ही जाता है ,,

जब दो पेड़ अपने दम पर आगे बढ़ने का ठान लें

आकाश अपने में रहने लगा,

अनामिका जैसे कोई थी ही नहीं उसकी लाईफ में

उसने बहुत समझाया आकाश को पर ,,समझा नहीं

कीमत रिशतों की तब समझ आती है जब वो दूर हों जायें ,

अनामिका सहन नहीं कर सकी ओर निकल गयी अपनी जिंदगीं बनाने

तब जब वही अधूरापन आकाश को महसूस हुआ ,,उससे रहा नहीं गया

ओर उसे दुबारा अपने दोस्त के रूप में पाने कि जिद्दो जहद करने लगा

जब उसने उसकी दोस्ती मानने से मना किया तो,,,

अपने आप को बड़ा बनाने के लिये अपवाह फैलाने लगा

अब इक उद्देशय था उसका,, कैसे उसकी जिंदगीं नर्क बनाना है

पर सब जानते हैं जो सच्चा होता है ,,,उसे डिगाने का काम तो तूफान भी नहीं कर सकता

आकाश की बात पर किसी ने भरोसा नहीं किया

ओर जब तक उसे ऐहसास हुआ तब तक सबकुछ छिन चुका था

सिबाये पछ़ताने के उसके पास कुछ नहीं था

जिंदगीं दूसरों की इज्जत कराना सिखाती है

न कि उन्हें बेमतलब नीचा दिखाकर खुद ऊँचा बनना

“टाईम है संभल जायो ..जो पास है उसे रोक लो क्योंकि क्या पता कल हो न हो”

Nimish Singh Parihar

Advertisements

2 thoughts on “Fake Personalty 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s