One Last Hope

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आया हूँ तेरे दर पर में बेबसों की तरह,

सब जगह ढूंढा सुकून,

अब तुझसे ही उम्मीद है!!!!!!!

बढ़ा एक कदम,,,

एक कदम फिसल गया पर मेरा होसला वही हे

सोता हूँ ये सोच कर की सुबह कुछ नया रंग होगा इस दुनिया का,

पर अब आदत सी हो गई हे वही बेरंग सी दुनिया देखने की

रोज कुछ नया करने के लिए उठता हूँ,

पर क्या करुँ वो मुझे पेर से फिर नीचे खींच लेते हैं

अब तो आजा मेरा हाथ थाम ले, मुझे ले चल अपने साथ वहीँ जहाँ तू रहता हे

मैँ भी रहना चाहता हूँ तेरे साए मेँ, मुझे भी तलाश हे प्यार कि एक सच्चे यार की

मेरे लिए कहना आसान हे कि मे खुश हूँ, पर मेरा दिल होले से धडकता हे, ओर मुझसे कहता हे, बस कर कितना झूठ बोलेगा

पर तू तो जानता है न कि, मैँ अपने दुखो को दिखा कर अपने अपनोँ को दुखी नहीँ देख सकता

सुबह मुझसे कहती हे उठ, कुछ नया करते हे, मे उठा और ऊपर देखा, तो आसमा मुझसे बोला – दम हे तो मुझे छू कर देखा

पंछी बोले मेरी तरह खुले आसमान मेँ उड़ कर दिखा

बादल बोले मेरी तरह बरस कर लोगोँ की प्यास बुझा कर दिखा

जब नीचे देखा तो जमीन मुझसे बोली मेँ तो सबको अपना लेती हूँ, चाहे वो अमीर हो या गरीब,

चाहे बो इंसान हो या जानवर

मेरी तरह बिना किसी भेदभाव के सबको अपना कर दिखा…

Nimish Singh Parihar

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