कुड़ी नाल लव -पंजाब डायरी

​क्यूँ वेल्ला नू,, परखे कुड़ी

  सीने बिच अगन है,, इसदी जलदी

    क्यूँ मुँह,,  यूँ तू मोड़े कुड़ी

      इशक दी चाहत कदई इसे भी लगदी!! 


“आजा फिर हुड़ सेर करा दूँ

     दिल में कदे तुझे बसालूँ!!!

    ***************

आजा फिर हुड़ सेर करा दूँ

    दिल में कदे तुझे बसालूँ!!!”
क्यूँ तू फिर ,,नहीं हसदी कुड़ी

आजा इस राँझे दी,,  हुड़ हीर बना लूँ

क्यूँ वेल्ला नू,, परखे कुड़ी

  सीने बिच अगन है इसदी जलदी

    क्यूँ मुँह यूँ, तू मोड़े कुड़ी

      तेरे हुड़ इस दिल दी,, कदई नी चलदी

          तेरी आदत अब तो, , कदई नी छुटती

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